शीघ्रपतन क्या है?(What is Premature Ejaculation in Hindi)

शीघ्रपतन क्या है?(What is Premature Ejaculation in Hindi)

शीघ्रपतन (Shighrapatan) पुरुषों को होने वाली एक प्रकार की यौन समस्या है। इस समस्या में सेक्स के दौरान चरम पर पहुंचने या आर्गेज्म  से पहले ही वीर्य (Sperm) निकल जाता है। इसे ही शीघ्रपतन कहते हैं। शीघ्रपतन का सेक्स लाइफ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

शीघ्रपतन के लक्षण (Premature Ejaculation Symptoms in Hindi)

शीघ्रपतन के लक्षण ये हैंः-

  • शीघ्रपतन उत्तेजना के कुछ सेकेण्ड या मिनट के भीतर हो जाता है।
  • इण्टरकोर्स (Intercaurse) आरम्भ होने के 60 सेकेण्ड के अन्दर पुरुष का वीर्यपतन (Spermout) हो जाए, तो शीघ्रपतन की समस्या समझना चाहिए।
  • यौन उत्तेजना कम होना।
  • संभोग क्रिया शुरू होते ही, या होने से पहले वीर्यपतन हो जाना।

शीघ्रपतन होने के कारण (Premature Ejaculation Causes in Hindi)

आजकल लोग मानसिक तनाव के शिकार हो रहे हैं जिसकी वजह से लोगों के जीवन में सेक्स संबंधी समस्याएं हो रही हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक शीघ्रपतन (Shighrapatan) है। मानसिक तनाव होने की वजह से सेक्स हार्मोन्स जैसे-टेस्टेरोन हार्मोन आदि असंतुलित हो जाते हैं। इसके कारण ही शीघ्रपतन की समस्या हो जाती है। शीघ्रपतन शारीरिक या मानसिक दुर्बलता के कारण भी हो सकता है।

शीघ्रपतन की परेशानी के ये कारण हो सकते हैंः-

मनोवैज्ञानिक कारण से शीघ्रपतन दोष

  • मानसिक तनाव
  • रिश्तों से संबंधी समस्याओं के कारण भी शीघ्रपतन हो सकता है।
  • जिन पुरुषों को स्तंभन दोष (Erectile disfunction) है, उन्हें शीघ्रपतन की समस्या ज्यादा होती है।
  • शीघ्रपतन का कारण कई लोगों में ज्यादा चिंता करने से भी होती है।
  • समय से पहले वीर्यपतन के बारे में चिंता करना।
  • यौन अनुभव की शुरुआती स्थिति में भी शीघ्रपतन होता है।

बायोलॉजिकल कारण से शीघ्रपतन दोष

  • शरीर में यौन हार्मोन्स (Testerone harmone) का असामान्य (Imbalance) होना।
  • मूत्रमार्ग (Urinary bladder) या प्रोस्टेट ग्रन्थि (Prostate Gland) में संक्रमण होना।
  • आनुवांशिकता (heridity) की वजह से भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है।
  • सर्जरी  या मानसिक अघात (mentaltrauma) के कारण शीघ्रपतन की समस्या हो जाती है।

शीघ्रपतन दोष के अन्य कारण

  • ज्यादा मात्रा में शराब  लेना।
  • नशीले पदार्थों को लेना जैसे अफीम, चरस आदि।
  • धूम्रपान
  • एंटीबायोटिक दवाओं को अधिक मात्रा में लेना।
  • जंकफूड जैसे पिज्जा, बर्गर, पेस्ट्री, कोल्डड्रिंक आदि ज्यादा खाना।

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